सामान्‍यत: पुछे जाने वाले प्रश्‍न:
प्रश्‍न: ग्रामीण विकास विभाग के उददेश्‍य क्‍या है ?
उत्‍तर: रोजगार सृजन एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में परिसम्पत्तियों का सृजन कर ग्रामीण विकास की गति तीव्र करना एवं क्षेत्रीय विकास द्वारा "गरीबी एवं क्षेत्रीय असंतुलन" निवारण है।

प्रश्‍न: ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कौन कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही है ?
उत्‍तर: विभाग द्वारा सांसद आदर्श ग्राम योजना, इंदिरा आवास योजना, एन.आर.एल.एम.(राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन), महात्मा गॉंधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी योजना, सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम, विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम, सीमावर्ती क्षेत्र विकास कार्यक्रम, मेवात क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम, डांग क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम, मगरा क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम, स्व-विवेक जिला विकास योजना, गुरू गोलवलकर जनभागीदारी विकास योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी आधारभूत सुविधाओं का प्रावधान (पुरा),सामाजिक अंकेक्षण, राजस्थान ग्रामीण आजीविका मिशन परियोजना(आर.आर.एल.पी.) मिटीगेटिग पावर्टी इन वेस्टर्न राजस्थान (एमपॉवर),बायोफ्यूूल प्राधिकरण एवं डी.आर.डी.ए. प्रशासन योजना संचालित की जा रही हैं।

प्रश्‍न: जिला एवं राजय स्‍तर पर विभाग की संरचना क्‍या है ?
उत्‍तर: जिला स्तर पर समन्वय हेतु जिला ग्रामीण विकास अभिकरणों का जिला परिषद में विलय करते हुये मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अधीन ग्रामीण विकास प्रकोष्ठ का गठन किया गया। इसी तरह राज्य स्तर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज की गतिविधियों में समन्वय स्थापित करने एवं कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन के उद्देष्य से ग्रामीण विकास विभाग एवं पंचायती राज विभाग का विलय किया गया है। वर्तमान में इस विभाग का नाम ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग है। राज्य में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा जहां एक ओर ग्रामीण विकास की 20 एवं पंचायती राज की 9 से भी अधिक योजनाएं क्रियान्वित कर विकासात्मक असंतुलन को दूर करने और ग्रामीण क्षेत्रों को अपेक्षित प्राथमिकता देने की दृष्टि से स्थाई विकास को लक्ष्य में रखकर कमजोर और उपेक्षित वर्गो के विकास पर विषेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर संविधान के 73 वे संषोधन के उपरान्त नया पंचायती राज अधिनियम 1994 ए 23 अप्रैल ए 1994 से लागू कर राज्य में पंचायती राज को नया स्वरूप प्रदान किया गया है। जिसके तहत पंचायती राज संस्थाओं को अनेक अधिकार प्रदान किये गये है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधीन ग्रामीण विकास की योजनाएं शासन सचिव ए ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज संस्थाओं के प्रषासनिक नियन्त्रण एवं योजनाओं का क्रियान्वयन शासन सचिव एवं आयुक्त पंचायती राज के माध्यम से किया जा रहा है।  

नोडल अधिकारी : श्री हितबल्‍लभ शर्मा, परियोजना निदेशक एव पदेन उप सचिव, दूरभाष : 0141-2227229, ई-मेल : pdme2k_rdd@yahoo.com
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